Wafa Parast Wafa Ka Nishaan Le ke Chale

Noha

वफ़ा परस्त वफ़ा का निशान लेके चले
पुराने ग़म का नया तजुमान लेके चले
अलम के साये मे हम एक जहान लेके चले
हम इस अलम को लिए चारों सिम्त घूमेंगे
दुरूद पढ़ के इसे बार बार चूमेंगे

यही अलम तो रसूले ज़मन के हाथ मे था
कभी ये हैदरे खैबर शिकन के हाथ मे था
बा वक़्त सुल्हो इमामे हसन के हाथ मे था
कभी हुसैन ग़रीबुल वतन के हाथ में था
हम इस अलम को लिए चारों सिम्त घूमेंगे
दुरूद पढ़ के इसे बार बार चूमेंगे

अगर न इसको उठाते तो आज क्या होता
न कर्बला का न काबे का तज़करा होता
रसूले पाक का इस्लाम मिट गया होता
वफ़ा के नाम से कोई न आशना होता
हम इस अलम को लिए चारों सिम्त घूमेंगे
दुरूद पढ़ के इसे बार बार चूमेंगे

हम इस अलम का बड़ा एहतराम करते हैं
बड़े अदब से हम इस को सलाम करते हैं
हम इस अलम के सहारे कलाम करते हैं
ज़बान खोल के ज़िक्रे इमाम करते हैं
हम इस अलम को लिए चारों सिम्त घूमेंगे
दुरूद पढ़ के इसे बार बार चूमेंगे

ये वो अलम है जो दरबारे पंजेतन मे रहा
कभी हिजाज़ मे चमका कभी यमन मे रहा
हर एक मुक़ाम पा ये अपने बाँकपन मे रहा
हम इस आलम को लिए चारों सिम्त घूमेंगे
दुरूद पढ़ के इसे बार बार चूमेंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *